42 में डायबिटीज: वज़न सामान्य, मीठे का शौक नहीं। फिर कैसे?

ऐसे हर डिनर पर एक ही सवाल उठता है: "मुझे कैसे हो गया?"

गाइड पढ़िए

"पर मेरा वज़न तो ज़्यादा नहीं।"

एक ही BMI पर भारतीयों में आम तौर पर व्हाइट कॉकेशियन लोगों से ज़्यादा पेट के अंदर चर्बी और इंसुलिन रेज़िस्टेंस होता है।

भारतीयों को जल्दी क्यों

भारतीयों में टाइप 2

कम से कम दस साल पहले

दूसरे बड़े नस्लीय समूहों के मुकाबले। इसलिए जांच जल्दी शुरू होती है और सिर्फ़ वज़न से आगे देखती है।

जोखिम की सूची

जांच करवाइए

30 से ऊपर

30 साल से ऊपर हर किसी को, और कोई जोखिम हो तो उससे पहले। आधे से ज़्यादा मरीज़ों में कोई लक्षण होता ही नहीं।

रिपोर्ट के नंबर

20 साल और उससे ऊपर के भारतीय वयस्क

लगभग हर चार में से एक वयस्क को इनमें से कोई एक। सर्वे का फ़ील्डवर्क 2008 से 2020 के बीच हुआ।

यह कितनी आम है?

तो उन्हें कैसे हुई?

वज़न बस एक हिस्सा है।

वज़न कहां जमा है, और परिवार में और किसे है, यह भी उतना ही मायने रखता है। जांच ब्लड टेस्ट से होती है, आईने से नहीं।

जोखिम की सूची

क्या खाना और एक्टिविटी बदलने से यह सच में रुकती है?

एक भारतीय ट्रायल ने 531 ऐसे वयस्कों को फ़ॉलो किया जिनका ग्लूकोज़ टॉलरेंस बिगड़ा था। लेख बताता है क्या मिला।

पूरा लेख पढ़िए

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